ज्योतिष सेवा सदन "झा शास्त्री "{मेरठ उत्तर प्रदेश }

निःशुल्क ज्योतिष सेवा ऑनलाइन रात्रि ८ से९ जीमेल पर [पर्तिदिन ]

शनिवार, 15 दिसंबर 2012

व्यापार जगत दिसंबर =2012{शेयर्स }

---मास की शुरू कन्या राशि के कारण बाजार {मार्केट }का रुख तेज रहेगा ।-हीरो होंडा ,बजाज ,सुजुकी ,एल .एम .एल .कावासाकी .महिन्द्रा एन्ड महिंद्रा ,हुंडई आदि के शेयर्सों में अच्छी तेजी का योग बनेगा ।अधिकतर सेंसेक्स के सूचकांक को प्रभावित करने वाले शेयर्स सभी गिरे हुए भाव में आगे के लिए खरीद सकते हैं तथा लाभ की स्थिति में निकाल दें ।माह की -15 तारीख को सूर्य देव की धनु राशि की संक्रांति शनिवार को पड़ रही है --अतः मार्केट में सभी शेयर्स जैसे -रिलायंस ,आई .सी .आई .सी .आई ,विप्रो ,कोल्ड्रिंक बनाने वाले कम्पनियों के शेयर्स ,धारा ,नेरोलैक ,काफी ,चाय व् काफी बनाने वाली कम्पनियों के शेयर्स मशीनरी कम्प्यूटर्स आदि बनाने वाली कम्पनियों के शेयर्स ,इलेक्ट्रानिक कम्पनियों के शेयर्स ,नोकिया ,एल .जी .सैमसंग आदि के शेयर्स में काफी अच्छी मंदी देखने को मिलेगी ---निवेशक इस स्थिति का फायदा अवश्य उठायें --यह एक लाभकारी निवेश सिद्ध होगा ।---27/12/2012-को बुध के धनु राशि में प्रवेश होने से तेजी आएगी किन्तु बिकवाली का इतना दबाव पड़ेगा कि यह तेजी बाज़ार में अपनी स्थिति मजबूत नहीं बना पायेगी ।महीने के अंत में शेयर माकेट तेज होगा ।बैंकिंग ,इलेट्रोनिक ,एजुकेशन ,कंसत्रक्शन से जुडी कम्पनियों में निवेश करने से लाभ होगा ।।
  ---नोट ----दिसम्बर में निवेश के लिए उपयोगी मुख्य शेयर्स---नेस ,कॉफी ,टाटा टी ,इन्फोसिस ,नोकिया ,वीडियोकोन ,एम .टी .एन .एल ,विजिया बैंक ,एच पी ,लीनिवो ---।।
         प्रेषकः -पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "{मेरठ -भारत }  

शुक्रवार, 16 नवंबर 2012

"सूचना पट "

      "सूचना पट "
-------ज्योतिष सेवा सदन ---के प्रणेता पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री ' की पुत्री का विवाह दिनांक -28/11/2012-को -मेरठ -से दूर होने के कारण "झा शास्त्री " अपने सभी मित्रों को ज्योतिष सेवा नहीं दे पायेंगें ।यह ज्योतिष सेवा 16/11/2012से 15/12/2012 तक अनुपलब्ध रहेगी ।
    ------इस पावन सुअवसर पर आपके करकमलों से आशीर्वाद की आशा है ।
           स्थान -कन्हौली वेस्ट वाड -6---पोस्ट झंझारपुर बाजार जिला -मधुबनी {बिहार }
                           संपर्क सूत्र -09897701636----09358885616---!! 
 

शुक्रवार, 9 नवंबर 2012

"पति -पतनी में सामंजस्ता अर्थात "गण मिलान"?

       "पति -पतनी में सामंजस्ता अर्थात "गण मिलान"?
--------वैवाहिक जीवन में लोग सूझ -बूझ की परम आवश्यकता होती है --किसी की पतनी अच्छी होती है तो किसी के पति अच्छे होते हैं -किन्तु दोनें अच्छे हों तो सामंजस्ता निरंतर बनी रहती है ।कुछ लोग वैवाहिक जीवन अपने लिए नहीं औरों के लिए जीते हैं --ये स्थिति उत्पन्न न हो इसलिए गण का विचार करते हैं कुंडली मिलान में -----।
    ---------रक्षो गणः पुमान स्याचेत्कान्या भवन्ति मानवी ।
                 केपिछान्ति तदोद्वाहम व्यस्तम कोपोह नेछति ।।
--अर्थात -मुहूर्त कल्पद्रुम ग्रन्थ में कहा है -कि कृतिका ,रोहिणी ,स्वाति ,मघा ,उत्तराफाल्गुनी ,पूर्वाषाढ़ा ,उत्तरा षाढा ,इन नक्षत्रों में जन्म होने पर गण दोष मान्य नहीं होता है ।
                 -------कृतिका रोहिणी स्वामी मघा चोत्त्राफल्गुनी ।
                            पूर्वा षाढेत्तराषाढे न क्वचिद गुण दोषः ।।
भाव -----वर- कन्या के राशि स्वामियों में मैत्री हो अथवा नवांश के स्वामियों में मैत्री हो तो गण आदि दुष्ट रहने पर भी विवाह पुत्र -पौत्र को बढ़ाने वाला सुखद प्रिय होता है ।
     ------नोट -अश्विनी आदि सभी नक्षत्रों के गुण ,कर्म ,स्वभाव ,परिक्षण परित्वेना --1-देवगण -2-नर गण -3-राक्षस गण -तीन विभागों में बांटा गया है ।
    {1}-वर -कन्या दोनों एक गण के हों तो उत्तम सामंजस्ता  रहती है ।
    {2}-देव -नर हों तो मध्यम सामंजस्ता रहती है ।
    {3}-देव -राक्षस हो तो -लडाई -झगडे के कारण सामंजस्ता नहीं रहती है ।
-नोट -शारंगीय में कहा गया है -कि वर -राक्षस गण का और कन्या मनुष्य गण की हो तो विवाह उचित और सामंजस्ता रहती है ।इसके विपरीत वर मनुष्य गण का एवं कन्या राक्षस गण की हो तो विवाह उचित नहीं रहता अर्थात सामंजस्ता नहीं रहती है ।।
------निवेदक पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "{मेरठ -भारत }
     ज्योतिष परामर्श हेतु-09897701636-09358885616------!

गुरुवार, 8 नवंबर 2012

"ग्रहमैत्री"अर्थात वैवाहिक अनुभूति "?

    "ग्रहमैत्री"अर्थात वैवाहिक अनुभूति "?
-----कुंडली मिलान का वास्तविक विचार वैवाहिक जीवन सुखद हो ,सरस और प्रेम से ओत प्रोत हो ----किन्तु ये सही मैत्री मिलान से ही संभव होता है ।मिलन सभी जीवों के होते हैं परन्तु जीने का ढंग सबके अलग -अलग होता है ।मानव जीवन सर्वोत्तम मानते हैं सभी इसलिए देवता भी लालायित रहते हैं ।हम कैसे जियें ये न सोचकर हमसे लोग ,समाज ,परिवार ,संताने क्या सीखें ये सोच रखने वाले कुंडली का मिलान कराते हैं ---।
      ----------मैत्री कूट सात प्रकार के होते हैं ।-----और इनके गुण 5 मानते हैं ।
                      {1}-वर -कन्या की राशियों में स्वामी ग्रह एक होने पर तथा परस्पर मैत्री सम्बन्ध होने पर -5 गुण होते हैं ।
            {2}-सम मित्रता होने पर -4 गुण मानते हैं ।
            {3}-दोनों में समता होने पर -3गुण मानते हैं ।
                {4}-मित्र से शत्रुता होने पर -1 गुण होता है ।
             {5}-अगर सम शत्रुता हो तो आधा गुण एवं राशियों में परस्पर शत्रुता होने पर गुण नहीं होता है ।
----भाव --मित्रादि होने पर भी यदि नीच या निर्बल हो तो एक गुण कम ही मानते हैं --किन्तु ये सभी जगह मान्य नहीं है ।
   नोट -----कभी -कभी लोग कुंडली मिलान को उपहास समझकर मिलान नहीं कराते हैं किन्तु जब जीवन दुखी हो जाता है तो पुनः ज्योतिष की शरण में आते हैं ------संसार में ज्योतिष भेद -भाव रहित अनमोल गुरुजनों की देन हैं --जो केवल भाव ,श्रद्धा से ही समझ में आ सकती है --अतः  वैवाहिक जीवन सुखी हो-ज्योतिष की भी सुनें ?
-----निवेदक -पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "-{मेरठ -भारत }

बुधवार, 7 नवंबर 2012

"योनि विचार -अर्थात पति -पतनी के प्राकृतिक स्वभाव ?"

      "योनि विचार -अर्थात पति -पतनी के प्राकृतिक स्वभाव ?"
--कुंडली के मिलान में -योनि -का विचार अवश्य करते हैं --अगर रंग ,रूप अर्थात सभी ठीक हो किन्तु परस्पर स्वभाव सही नहीं हो तो मन खिन्न रहता है ।प्रेम तो होता है किन्तु -एक दूसरे के प्रति हिंसक प्रवृत्ति शव्दों की बनी रहती है -जो सुखों को कम कर देती है ।
       ------ज्योतिष में नक्षत्रों को -अश्व ,गज ,मेष ,सर्प ,श्वान ,मार्जार ,मूषक ,गौ ,महिष ,व्याघ्र ,मृग ,वानर ,नकुल सिंह इन 14-जानवरों की योनियों में गिना गया है ।-{1}-अश्विनी -शतभिषा नक्षत्र की योनि अश्व मानी गई है ।-{2}-भरणी -रेवती की गज है ।-{3}-कृतिका -पुष्य की मेष है ।-{4}-रोहिणी -मृगशिरा की सर्प है ।-{5}-आर्द्रा -मूल की श्वान है ।-{6}-पुनर्वसु -आश्लेषा की मार्जार है ।-{7}-मघा -पूर्वाफाल्गुनी की मूषक है।-{8}-उत्तराफाल्गुनी -उत्तराभाद्रपद की गौ है ।-{9}-हस्त -स्वाति की महिष है ।-{10}-चित्रा -विशाखा की व्याघ्र है ।-{11}अनुराधा -ज्येष्ठा की मृग है ।-{12}-पूर्वाषाढा-श्रवण की वानर है ।तथा -{13}-उत्तराषाढा-अभिजित की नकूल है ।-{14}-धनिष्ठा -पूर्वाभाद्रपद की योनि सिंह कही गई है ।।
      {1}-ये तीन प्रकार के स्वभाव वाले होते हैं ---{1}-महावैर -सहजवैर ।-{2}-समभाव ।-{3}-मैत्री भाव -अति मैत्री ।---योनियों में जो प्राकृतिक देन होती है ,उसी के अनुसार गुण ग्रहण किये जाते हैं ।-जैसे -परस्पर महावैर हो तो --00 गुण मानते हैं ।अगर सहजवैर हो तो -01गुण मानते हैं । यदि -समभाव हो तो 02 गुण मानते हैं ।मैत्री में -03 गुण होते हैं ।अतिमैत्री में -04 गुण उत्तम मानते हैं ।।
       --------नोट आजकल इस योनि पर विचार कम करते हैं --जिस कारण प्रेम तो अत्यधिक होता है किन्तु शव्दों के प्रहार से वैवाहिक जीवन दुखी रहता है ।अतः विवाह तो अवश्य होना है --किन्तु विवाह संस्कार में उन नामों से विवाह किया जाय जो योनि के मिलान को भी सही बनाते हों या कर्मकांड के द्वारा दोष दूर करते हो --तो जीवन आनंदमय बीतेगा ।।
प्रेषकः --पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "-{मेरठ -भारत } 

मंगलवार, 6 नवंबर 2012

"पति -पतनी की अडिगता -चतुर्थ "तारा विचार "?

   "पति -पतनी की अडिगता -चतुर्थ "तारा विचार "?
----पति -पतनी की सबसे बड़ी विशेषता अपने जीवन में एक दूसरे के प्रति समर्पित रहना होता है ,क्योंकि रूप का मोह समाप्त होते ही परिवार और समाज से जुड़ जाते हैं तब हमें एक आदर्श अभिभावक बनना पड़ता है और -ये तब संभव होता है ---जब हमारी कुंडली में तारा का सही मिलान हुआ हो । जिस प्रकार से अनंत तारा होते हुए भी रोशनी नहीं मिलती हो किन्तु ये अपनी -अपनी जगह स्थिर रहते हैं --जो सूर्य एवं चंद्रमा को स्थिरता प्रदान करते हैं ।
      -------कन्या के नक्षत्र से वर के नक्षत्र तक और वर के नक्षत्र से कन्या के नक्षत्र तक "अभिजित "को छोड़कर गणना करके अलग -अलग 9के भाग देने से जो संख्या शेष रहे वह तारा होती है ।-तारा संख्या -3/5/7/-अशुभ होती है -एवं -1/2/4/6/8/9/{0}शेष रहे तो शुभ होती है ।।
    ------निदान -{1}---3--शेष हो तो -विपत नाम की तारा कहलाती है ---इनकी शांति -गुड का दान करने से हो जाती है ।
{2}--5 शेष हो तो प्रत्यरी नाम की तारा होती है ----इनकी शांति नमक का दान करने से होती है ।
{3}--7-शेष हो तो वध नाम की तारा होती है --इनकी शांति -सफेद तिल ,तेल या तिलकूटी-मिठाई एवं स्वर्ण दान से अशुभता समाप्त हो जाती है ।
-------नोट --अगर प्रेम हो गया हो ,विवाह आपको वहीँ करना है जो पसंद है तो चिंता न करें --निदान के लिए कर्मकांड है ज्योतिष का पूरक -----किन्तु समाज और परिवार के प्रति अपना योगदान को न भूलें  इस हेतु कुंडली मिलान जरुर करें ।
निवेदक -पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "{मेरठ -भारत }

शनिवार, 3 नवंबर 2012

कुंडली मिलान का प्रथम "वर्ण "विचार ?

  कुंडली मिलान का प्रथम "वर्ण "विचार ?
----जातकों की कुंडली मिलान में सर्व प्रथम "वर्ण का मिलान देखा जाता है --अर्थात जातीय कर्म ,गुण धर्म ,स्वभाव एवं उत्तम प्रीति रहती है ---सही वर्णों के मिलान होने पर ----अन्यथा मध्यम स्नेह और प्रेम का जीवन में आभाव सा रहता है ।
-------कर्कमीनालयोविप्राः सिंहो मेषो धनुर्न्रेपाः ।
           कन्या वृष मृगा वैश्यः शूद्रा युग्म तुला घटाः ।।
  ------भाव =कर्क ,मीन,वृश्चिक ये तीन राशियाँ -ब्राह्मण वर्ण की हैं ।--मेष ,सिंह ,धनु क्षत्रिय वर्ण की ,कन्या ,वृष ,मकर वैश्य वर्ण की और मिथुन ,तुला ,कुम्भ ये तीनो राशियाँ शूद्र वर्ण की शात्रों में कही गई हैं ।
    ----अर्थात ----यदि वर -कन्या समान वर्ण वाली राशियों में जन्मे हों तो उत्तम रहते हैं ---या कन्या से वर का वर्ण उत्तम हो तो अति उत्तम मानते हैं --परन्तु कन्या से वर का हीन वर्ण हो तो --दाम्पत्य जीवन में नीरसता रहती है ।
                 "हीन वर्णों यदा राशि राशीशो वर्ण उत्तमः ।
                  तदा राशीश्वरो ग्राह्यस्तद राशि चैव चिन्तयेत ।।
अतः वर -कन्या में वर्ण दोष होते हुए भी मान्य नहीं है ,क्योंकि रशिशों के स्वामियों की प्रतिकूलता है तो ----।।    नोट --दाम्पत्य जीवन सुन्दर हो इसलिए कुंडली का सही मिलान बहुत ही जरुरी है ---जबकि जोड़ा तो विधाता ने पहले ही बना दिया ?
----प्रेषकः पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "{मेरठ -भारत }

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2012

"शेयर बाजार -नवम्बर -2012-ज्योतिष विचार ?"

"शेयर बाजार -नवम्बर -2012-ज्योतिष विचार ?"
  ---मास की शुरुआर में मंदी का एक झोका आयेगा किन्तु वह विशेष समय नहीं रहेगा ।बुध वक्री होने से यह स्थिति बनेगी ।परन्तु शुक्र का प्रभाव बाजार में तेजी लायेगा -जैसे -रिलायंस ,टिस्को ,सिफी,नस्लें ,नेस ,कॉफी ,टाटा टी ,ब्रुक ब्रांड आदि शेयर्स विशेष तेज होंगें ।--दिनांक -12/11/को नेप्चून मार्गी होगा जिस कारण सभी शेयर्स के भाव कम होंगें -अतः मन स्थिर रखकर तेजी की प्रतीक्षा करनी चाहिए ।आप कम भाव के शेयर्स ये ले सकते हैं --डाबर ,प्रकाश ,इंडसट्रीज,किंगफिशर ,जेट एयरवेज ,रेलीगेयर ,देल ,नेस्ले ,टेलीकोम से जुडी कम्पनियों के शेयर्स ,रेमंड इस महीने में तेजी और मंदी के विशेष दौर से गुजरेंगें -अतः स्थिति के अनुसार लाभ मिल सकता है ।-16/11-को सूर्य की वृश्चिक संक्रांति होगी -इस कारण अधिकांश शेयर्स में घटा -बढ़ी होने के आसार हैं ।औद्योगिक कम्पनियों के शेयर्स में विशेष उछाल आएगा ।इस समय तेजी का लाभ लिया जा सकता है ।सेंसेक्स में बढ़त दिखेगी ।मास के अंत में -जे0के0सीमेंट ,बिल्डिग मैटेरियल बनाने वाली कम्पनियों के बैंकों के शेयर्स इत्यादि में तेजी और मजबूती देखने को मिलेगी ।---इस माह रिलायंस ग्रुप ,टाटा ग्रुप ,हिंडाल्को ,रैनबैक्सी ,मिडिया संचार कम्पनियों के बैंकों में यूनियन बैंक ,एस .बी .आई ,एच .डी .एफ .सी .आई .डी .बी .आई .आंध्रा बैंक ,इलाहबाद बैंक ,सिंडिकेट बैंक ,विजया बैंक ,देना बैंक ,आदि के शेयर्सों में लाभ के योग हैं।
-----विशेष -नवम्बर माह हेतु शेयर्स --शेयर्स डील ,सोनी ,एच .पी .,कैनन ,रेलिगेयर ,एक्सीस बैंक ,रिमांड ,एशियन पेन्ट्स ।
----------प्रेषकः -पंडित के .एल ."झा शास्त्री "

शनिवार, 13 अक्टूबर 2012

-"नई पहेली नई सोच ,मिलेगी सेवा ,रहें खामोश ?"

-----मित्रों की संख्या अत्यधिक होने के कारण हमने नई पहेली और नई सोच ,मिलेगी सेवा ,रहें खामोश "--नामक ज्योतिष सेवा -10/10/2012 से शुरू की है ---जो सभी मित्रों के लिए सुलभ और सरल होगी ।आपकी जेब पर विशेष भार भी नहीं पड़ेगा ,साथ ही सभी मित्रों को अपने -अपने अनुकूल ज्योतिष सेवा भी मिलेगी ।
----{1}-आजीवन सदस्यता शुल्क -500 {पांच सौ }जमा करने होंगे  ,जिसकी आजीवन सम्पूर्ण जानकारी ज्योतिष सेवा सदन के पास होगी ।।
------{2}-एक वर्ष में -5 बार ज्योतिष सेवा प्राप्त करने का शुल्क -200 दो सौ रूपये हैं ।।
    -----{3}---केवल एकबार सेवा प्राप्त करना चाहते हैं --केवल 100 सौ रूपये से प्राप्त कर सकते हैं ।
    -----{4}---अगर आप छात्र हैं ,नोकरी नहीं मिली है ,धन से विहीन हैं ,आपके पास खाता नहीं है बैंक में --तो -केवल -55 पचपन रूपये रिचार्ज -{9358885616--टाटा डोकोमो }से दो बार ज्योतिष सेवा प्राप्त कर सकते हैं {1}--100.200और -500 सौ रूपये -खाता संख्या -SB-20005973259-कन्हैयालाल शास्त्री मेरठ -के नाम जमा करें ?
          -----------ज्योतिष सेवा अपने -अपने राज्यों के दिनों के अनुसार नित्य प्राप्त करें ,यह सेवा आपको केवल फ़ोन {संपर्क सूत्र }से ही मिलेगी ।
     {1}--उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड+जम्मू काश्मीर - के लोग --शनिवार को ज्योतिष सेवा प्राप्त करें ।
      {2}-दिल्ली +हरियाणा +पंजाब -हिमाचल -के लोग -रविवार को ज्योतिष सेवा प्राप्त कर सकते हैं ।
       {3}-राजस्थान +मध्यप्रदेश के लोग -सोमवार को ज्योतिष सेवा प्राप्त कर सकते हैं ।
       {4}-बिहार +झारखण्ड +कलकत्ता तथा पूर्वी भारत -के लोग मंगलवार को ज्योतिष सेवा प्राप्त कर सकते हैं
      {5}-महाराष्ट +ओड़िसा + के लोग -बुधवार को ज्योतिष सेवा प्राप्त कर सकते हैं ।
        {6}-कर्नाटका +दक्षिण भारत के लोग -गुरुवार को ज्योतिष सेवा प्राप्त कर सकते हैं ।
       {7}-नेपाल +सम्पूर्ण विदेशों के मित्र -शुक्रवार को ज्योतिष सेवा प्राप्त कर सकते हैं ।
-----नोट --समय -प्रातः -8 से 9---एवं रात्रि -7.30से 9.30तक रहेगा ।।
     ज्योतिष सेवा हेतु --सूत्र --09897701636----09358885616

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012

"कुंभमहापर्व "प्रयागराज "संवत =2069-क्यों मनाएं ?"


--कुंभ महा पर्व किस वर्ष आरम्भ हुआ ,इसकी तिथि का निर्धारण न किया जा सकना ही भारतीय संस्कृति और धर्म का अनादित्व सूचित करता है ।यहाँ की प्रत्येक वस्तु अनादि काल से प्रवाह रूप में चली आ रही है ।जिन्होंने कुंभ के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त किया है वे सर्व सम्मति से स्वीकार करते हैं कि इसका कहीं ओर छोर दिखाई नहीं देता {श्री विस्वनाथ पंचाग }
------------ समुद्र मंथन से अमृत कुंभ के निकलने पर असुर उसे छीनने के लिए देवताओं पर टूट पड़े ,किन्तु इंद्र का पुत्र जयंत उस अमृत के कुंभ को लेकर निकल गया ।-शुक्राचार्य के कहने से दैत्य उसके पीछे दौड़े ।उन्हें देखकर वह भी आगे -आगे भागने लगा ।यह भाग दौड़ 12-दिव्य दिन {मानुष 12 वर्ष }पर्यंत चलती रही ,इन दिव्य 12 दिनों में चार स्थानों पर चार बार दैत्यों ने जयंत को पकड़ा और उससे अमृत कुंभ छीनने का प्रयत्न किया ,किन्तु उसी समय -सूर्य ,चन्द्र और वृहस्पति ने उन चारों स्थानों पर जयंत का साथ देकर अमृत घट की रक्षा की ।इस छीना झपटी में अमृत की कुछ बूंदें उन चारों स्थानों पर गिरीं ---वे चारों स्थान --प्रयाग ,हरिद्वार ,गोदावरी और अवंतिका {उज्जैन }क्षेत्र है । रक्षा के समय -गुरु ,सूर्य ,चंद्रमा जिस स्थिति {राशियों }में थे उसी राशि पर इन तीनों के होने पर अब तक उक्त चारों पुण्य क्षेत्रों में कुंभ महापर्व का स्नान होता है ।।
----------जब सूर्य चंद्रमा मकर राशि में और गुरु वृष राशि में होता है ,तब त्रिवेणी के संगम प्रयागराज {इलाहाबाद } में कुंभ महापर्व का संयोग बनता है ।--संवत -2069-माघ की मौनी अमावस्या -10/02/2013 रविवार के दिन सूर्य चंद्रमा और गुरु -वृष राशि  में होने से यह सुयोग बनेगा ।
-----इस कुंभ महापर्व के अंतर्गत प्रमुख स्नान के अतिरिक्त भी ,कुछ महत्त्व के पुण्य प्रदायक पर्व स्नानों की तिथियों का संक्षिप्त विवरण =संवत -2069------
----{1}-पौष शुक्ल तृतीया सोमवार ,14/01/2013-मकर संक्रांति प्रथम शाही स्नान ।
----{2}-पौष शुक्ल  एकादशी --मंगलवार -22/01/2013---।
-----{3}-पौषी पूर्णिमा ,रविवार -27/01/2013-----।
-----{4}-माघ कृष्ण एकादशी बुधवार -6/02/2013---।
------{5}-माघ मौनी अमावस्या ,रविवार -10/02/2013-द्वितीय शाही प्रमुख स्नान---।
------{6}-माघ शुक्ल चतुर्थी {वसंत पंचमी },गुरुवार -14/02/2013-तृतीय शाही स्नान --।

------{7}-माघ शुक्ल सप्तमी ,रविवार -17/02/2013-- --रथ आरोग्य सप्तमी --।
------{8}-माघ शुक्ल एकादशी ,गुरुवार -21/02/2013--जया एकादशी ---।
-------{9}-माघी पूणिमा ,सोमवार -25/02/2013---।
--------प्रेषकः --पंडित "झा शास्त्री " मेरठ -उत्तर प्रदेश --भारत ---।।

मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

"सम्मुख "शुक्र "का विचार कब करें ?"


---जिस दिशा में 'शुक्र "सम्मुख एवं जिस दिशा में दक्षिण हो ,उन दिशाओं में बालक ,गर्भवती स्त्री तथा नूतन विवाहिता स्त्री को यात्रा नहीं करनी चाहिए ?
    -----यदि बालक यात्रा करे तो --विपत्ति पड़ती है ।नूतन विवाहिता स्त्री यात्रा करे तो --सन्तान को दिक्कत होती है ।गर्भवती स्त्री यात्रा करे तो --गर्भपात होने का भय होता है ।यदि पिता के घर कन्या आये तथा रजो दर्शन होने लगे तो --सम्मुख "शुक्र "का दोष नहीं लगता है ।----यथा --भृगु ,अंगीरा ,वत्स ,वशिष्ठ ,भारद्वाज -गोत्र वालों को सम्मुख "शुक्र "का दोष नहीं लगता है ।
    ---------सम्मुख "शुक्र "तीन प्रकार का होता है ------{1}-जिस दिशा में शुक्र का उदय हो ।---{2}--उत्तर दक्षिण गोल -भ्रमण वशात जिस दिशा शुक्र रहे ।---{3}--अथवा --कृतिका आदि नक्षत्रों के वश जिस दिशा में हो -उस दिशा में जाने वालों को शुक्र सम्मुख होगा ।---जिस उदय में हो -उस दिशा में यात्रा न करें ।-{1}-यदि पूर्व में शुक्र का उदय हो -तो पश्चिम और दक्षिण दिशाओं तथा नैरित्य तथा अग्निकोण विदिशाओं को जाना शुभ होगा ।{2}-यदि पश्चिम में उदय हो -तो पूर्व एवं उत्तर दिशाओं तथा ईशान ,वायव्य विदिशाओं में जाना शुभ रहेगा ।-{3}-जब गुरु अथवा शुक्र अस्त हो गये हों -अथवा सिंहस्त गुरु हो ,कन्या का रजो दर्शन पिता के घर में होने लगा हो ,अच्छा मुहूर्त न मिले तो --दीपावली के दिन कन्या पति के घर जा सकती है ।{4}--गुरु उपचय में हो ,शुक्र केंद्र में हो एवं लग्न शुभ हो तथा शुभ ग्रह से युक्त हो --तब स्त्री पति के घर की यात्रा कर सकती है ।{5}--जब चन्द्र रेवती से लेकर कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण के बीच में रहता है --तब तक शुक्र अन्धा हो जाता है --इसमें सम्मुख अथवा दक्षिण शुक्र का दोष नहीं लगता है ।{6}-एक ही ग्राम या एक ही नगर में ,राज्य परिवर्तन के समय -विवाह तथा तीर्थयात्रा के समय शुक्र का दोष नहीं लगता है ।
----नोट समय का वेशक आभाव हो -किन्तु सम्मुख शुक्र का अवश्य विचार करके शुभ यात्रा करें ?"
--प्रेषकः -पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "मेरठ {उत्तर प्रदेश }

बुधवार, 3 अक्टूबर 2012

"शेयर बाज़ार अक्टूबर ज्योतिष विचार =2012?

------मास के शुरू में "गुरु "वक्री हो जाने से मीडिया संचार क्षेत्र {एन .डी .टी .वी ,स्टार न्यूज ,जी आई .बी .एन }फ़िल्म प्रोडक्शन ,फ़िल्म प्रेसेंटेशन आदि करने वाली कम्पनीयों के शेयर्स -महिंद्र एण्ड महिन्द्रा ,टी .वी .एस .मोटर्स ,टोयोटा , हुंडई ,शेवरलें इन शेयरों में काफी उतार -चढाव के बाद अंत में तेजी आयेगी ।बैंकिंग कम्पनियों में विशेषकर यूनियन बैंक ,विजया बैंक ,एस .बी .आई के शेयरों में बिकवाली दबाव आने की उम्मीद है ये शेयर गिरेंगें किन्तु इन शेयरों को स्टाक करने से विशेष लाभ की आशा करनी चाहिए ।ये समय -2से 10तक रहेगा ।दिनांक -12 को अनुराधा नक्षत्र का मंगल बाज़ार में हलकी गिरावट करेगा ।नगद वाले शेयरों में स्पष्ट रूप से इस दिन शेयर ब्रोकर बिकवाली का दबाव बनायेंगें परन्तु हल्के धैर्य से निर्णय लेना चाहिए ।लिए हुए शेयरों को रोककर चलना चाहिए ।बैंक फार्मा ,चिप कम्पनिया ,मिड कैप ,आटो स्टील पॉवर ,मेडिसिन से जुडी कम्पनियों के बाज़ार में अच्छी तेजी का रुख दिख सकता है ।--दिनांक -16-की तुला संक्रांति म्युचअल फंड ,बैंक कम्पनियां ,इंजीयरिंग ,टेक्सटाइल ,सीमेंट ,खाद्यान्न सामग्री बनाने वाली कम्पनियों आदि में तेजी लाएगी ।मास के अंत में रिलायंस ,बीमा कम्पनियां ,इंटरनेट से जुडी कम्पनियां ,डाटा इन्फोसिस ,सिफी आदि में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी ।
-------नोट --अक्टूबर  में निवेश हेतु -प्रमुख शेयर्स ---एस .बी .आई ,भारती एयरटेल ,हिंडाल्को ,डा .लैब ,अरविन्द मिल्स ,कोलगेट ,रिलायंस ,आल ग्रुप शेयर्स ।।
------------दोस्तों शेयर मार्केट का लाभ आकस्मिक और भाग्य से जुड़ा होता है ---अतः सोच समझकर ,अपनी परिस्थिति के अनुकूल शेयर मार्केट की राह पर चलें ------हमारी अल्प बुद्धि है किन्तु ज्योतिष सत्य है --अतः बहुत ही धैर्य की आवश्यकता होती है शेयर मार्केट में --किन्तु भाग्य में है तो लाभ अवश्य मिलेगा --भाग्य में नहीं है तो आकर भी धन चला जायेगा ।
निवेदक -पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री {मेरठ -उत्तर प्रदेश }

गुरुवार, 27 सितंबर 2012

"Astrology Services House - Once Again" Welcome "

"Astrology Services House - Once Again" Welcome "

All Friends  - JHA Shastri once again kneels.

       Astrology service was unavailable until 26-09-2012 to -12-09-2012 ---- this thing is extremely sorry. - Today -27-09-2012 date astrology services astrology service will be available to members of the House , but free astrology services will be unavailable at -2012 -------- ..

     ---- Astrology Services --- page or profile-specific information to the House?

             Applicant - Pt Kanhaiyalal JHA Shastri {Meerut - UP}

      Help line - 9897701636 to 9358885616 ------

रविवार, 9 सितंबर 2012

"Notice Board" Astrology Seva Sadan {Meerut - India}


------- Please note?

           
Astrology Services Pt. Kanhaiyalal first director of the House "jha shastri"--- apologies to my brothers house to all friends from ----- Date -10-09-2012 astrology service will be unavailable until 26-09-2012. You are all friends of affection, love and generosity always we'll be indebted -. the form of the affection of friends love the country, state and constantly connect with friends live abroad - as well as through the net away from friends and even some little sense to try to learn and keep learning, but - due to the daughter's wedding - is time - which had to be abandoned due to 4-07-2012 ---- Free astrology service then still remains time------ is?

   
Therefore, in 2012, tried to start again with a free astrology services ---- You Lord Sri Hari's friends and the love and affection of the willing.
---------- {You} priest's servant Kanhaiyalal ""jha shastri"

 
Office - Astrology Services Delhi Gate House Krishnpuri - Meerut - Uttar Pradesh - India.

"सूचना पट "ज्योतिष सेवा सदन {मेरठ -भारत }

-------कृपया ध्यान दें ?
           सर्वप्रथम ज्योतिष सेवा सदन के संचालक पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री ---अपने सदन के सभी मित्र बन्धुओं से क्षमा याचना करना चाहते हैं -----दिनांक -10-09-2012 से 26-09-2012 तक ज्योतिष सेवा अनुपलब्ध रहेगी । आप सभी मित्रों का स्नेह ,प्रेम एवं उदारता के सदा हम ऋणी रहेंगें-।आप मित्रों के स्नेह रूपी प्रेम के कारण देश ,प्रदेश एवं विदेशों के मित्रों से निरंतर जुड़ते रहते हैं -साथ ही आप मित्रों से नेट के माध्यम से दूर होकर भी कुछ सीखते हैं तथा कुछ सिखाने की अल्प बुद्धि से कोशिश करते रहते हैं ,किन्तु -पुत्री के विवाह के कारण -समयाभाव हो गया है -जिस कारण निःशुल्क ज्योतिष सेवा तो 4-07-2012 से बंद करनी पड़ी ----अभी भी समयाभाव रहता है ------?
   अतः 2012 में पुनः निःशुल्क ज्योतिष सेवा शुरू करने की कोशिश करेंगें ----आप मित्रों का स्नेह और प्रेम तथा भगवन श्री हरी की कृपा रही तो । 
----------भवदीय आत्मबंधु {आप सभी का सेवक }पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "
 कार्यालय -ज्योतिष सेवा सदन देहली गेट कृष्णपुरी -मेरठ -उत्तर प्रदेश --भारत ।

गुरुवार, 30 अगस्त 2012

"वासुकी "नामक -कालसर्पयोग -के स्वभाव और प्रभाव ?"

------"वासुकी "नामक कालसर्पयोग तब बनता है --जब जन्म कुंडली के तृतीय भाव में "राहु "और नवम भाव में "केतु "हो एवं उन दोनों के बीच सूर्यादि सातों ग्रह स्थित हों ।--"वासुकी "नामक कालसर्पयोग में जन्म लेने वाले जातक कठोर परिश्रमी ,अनुशासन प्रेमी ,दूसरों की दुखद स्थिति में कदम से कदम मिलाकर चलने वाले ,अपने मन का दुःख किसी से न कहने वाले ,सत्य प्रिय व्यक्ति होते हैं ।इनका पारिवारिक जीवन अभिशापित {शापित }या सुषुप्त {शान्त } सा बना रहता है ।घर वालों का सहयोग नहीं मिलता है ।बाहरी लोगों के सहयोग से बड़े कार्य कर डालते हैं ।ऐसे जातक को सम्मान और धन दोनों की प्राप्ति होती है ,किन्तु भाग्य अक्सर विपरीत होता है ।।
--------------नोट ----जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति यदि बहुत उत्तम नहीं भी हो ----किन्तु --हजारों योगों में से एक भी यदि सुन्दर योग हो --तो जातक उस योग के प्रभाव से --राजा भी बन जाता है ----जैसे -पूर्व मुख्यमंत्री -सुश्री मायाबतीजी की कुंडली में ----यह योग ही है जो उन्हें --पांच बार शासनाधीश बनायेगा ?"
------------------प्रेषकः पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "
    ज्योतिष सेवा सदन -मेरठ -उत्तर प्रदेश }
            संपर्क सूत्र -09897701636------!!

बुधवार, 29 अगस्त 2012

"कुलिक नामक "कालसर्पयोग "के स्वभाव एवं प्रभाव ?"

-----जन्म कुंडली के द्वितीय भाव में "राहु एवं अष्टम भाव में केतु हो "---उन दोनों के बीच सूर्यादि सातों ग्रह स्थित हों ।"कुलिक -नामक "कालसर्पयोग "में जन्म लेने वाले जातक -धन -कुटुम्ब -वाणी एवं स्वास्थ की समस्याओं से परेशान रहते हैं ।इनके स्वरुप एवं विकास के साधनों पर दुष्टजनों की बारम्बार बुरी नजर लगती है ।वहीं कुदृष्टि विकास मार्ग को अवरुद्ध कर देती है ।ऐसे लोग कठिनाइयों में भी हँसते हैं ,हँसाते हैं ,समस्याओं में भी जीते हैं ,जिलाते हैं । इनके लिए यह समझ पाना मुश्किल होता है कि कौन इनका मित्र है एवं कौन शत्रु ।--अपने पराक्रम एवं बुद्धिमानी से वे अच्छी तरक्की कर लेते हैं ।।
--------------यूँ तो ---कालसर्पयोग कई प्रकार के होते हैं -------इसका निदान भी "कर्मकांड "में अन्नत प्रकार से करते हैं ।-----जरुरी नहीं कि --सभी "कालसर्पयोग "अहितकारी होते हैं --जरुरी आकलन का भी होता है ।-----आईये हमलोग अपनी -अपनी कुंडली का स्वयं आकलन करें ----तभी सभीका  एक मत होगा ?"
-----------प्रेषकः पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "
ज्योतिष सेवा सदन देहली गेट {मेरठ -उत्तर प्रदेश }

मंगलवार, 28 अगस्त 2012

"अनन्त नामक -कालसर्पयोग"के स्वाभाव एवं प्रभाव ?"

-----जब लग्न में राहु तथा सप्तम भाव में केतु हो एवं उन दोनों के बीच सूर्यादि सातों ग्रह स्थित हों ---तो "अनन्त नामक "कालसर्पयोग बनता है ।इस अनन्त नामक "कालसर्पयोग "में जन्म लेने वाले जातक स्वजनों से बारम्बार धोखा खाते हैं ।दिमाग से कम दिल से ज्यादा काम लेते हैं ।जन्म के साथ ही कई तरह के संघर्ष का दौर शुरू हो जाता है ,मध्य जीवन काल तक परेशानियाँ चलती रहती हैं ।जीवन की आजादी सिमित रहती है ।मुख एवं मस्तिष्क में बीमारी पैदा होने का भय होता है ।इस योग वाले जातक किसी महिला -पुरुष के एवं पुरुष महिला के सहयोग से ऊपर उठते हैं और किसी अन्य महिला या पुरुष की संगती से नीचे भी गिरते हैं ।।
नोट ---ज्योतिष हमें भविष्य की घटनाओं को दर्शाती है ----कर्म का प्रतिफल ही ज्योतिष दर्शाती है ---तो क्यों न हम --आने वाली घटनाओं से प्रेरणा लें -----अपने भविष्य को कर्म के द्वारा सुखमय स्वयं बनाएं ।।
--------------------प्रेषकः पंडित कन्हैयालाल झा शास्त्री {मेरठ -उत्तर प्रदेश }

शनिवार, 25 अगस्त 2012

"आपका "योग "हमारा "सहयोग " फिर देखें "संयोग "?"

---ज्योतिष शास्त्र में योगों का बहुत महत्त्व बताया गया है।---एक कहावत है कि "मंदिर में भोग "अस्पताल में रोग "--और ज्योतिष में "योग "का अपना एक अलग महत्त्व है ।
-------जिस प्रकार से विभिन्न चीजों को आपस में एक विशेष अनुपात में मिलाने से सुस्वाद व्यंजन -आदि  {भोजनादि } तैयार होते हैं ,ठीक उसी प्रकार दो या अधिक ग्रहों के संयोग से विशेष योग भी बनता है ,जिसका विशेष महत्त्व जातक के जीवन में पड़ता है ।
---------हम निरंतर उन योगों को लिखने का प्रयास करते रहते हैं ।कभी सात ग्रहों की ही गणना होती थी ।फिर नवग्रहों की गणना होने लगी ।आजकल -द्वादश {12} ग्रहों की गणना की जाती है ---आप सभी जानते हैं ,किन्तु ---ग्रहों की स्थिति भले ही निर्बल हो ,परन्तु सबल योग के कारण हमारे जीवन में कभी -कभी -विशेष संयोग बन जाता है -----ये योग के कारण ही होता है ।।
------आशा है -जो "कालसर्पयोग "को नहीं मानते हैं ------? उपरोक्त ज्योतिष ग्रंथों में हजारों प्रकार के योगों की परिचर्चा की गई है ----जो मंदिर में होते हैं -वो भले ही "भोग "का महत्त्व न दें किन्तु परोसी देते हैं या भक्त "भोग "पाने के लिए लालायित रहते हैं ।{2}-जो अस्पताल का निरंतर चक्कर लगाते रहते हैं -दुःख केवल वही समझ सकते हैं --चिकित्सक भले ही न समझें ।-{3}-जिनको ज्योतिष एवं ज्योतिषियों के प्रति आस्था होती है ----भविष्य में होने वाला "संयोग "को केवल वही मान सकते हैं ।।
------भवदीय -पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "---कार्यालय -कृष्णपुरी धर्मशाला {मेरठ -उत्तर प्रदेश}
ज्योतिष सदस्यों हेतु संपर्क सूत्र -9897701636--9358885616---!!  

शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

"धनु एवं मीन लग्न की कुंडली में "कालसर्पयोग "हो तो ?"

----धनु एवं मीन लग्न की कुंडली में "कालसर्पयोग "हो तो वैसे जातक पराधीन कार्य या नौकरी वगैरह में सफल नहीं होते हैं ।बाहरी स्त्रियों के संयोग से या पुरुषों के संयोग से स्वतंत्र कार्य क्षेत्र में अपनी जड़ मजबूत कर सकते हैं ,परन्तु घर की स्त्री या पुरुष के षड्यंत्र से उनकी सारी उन्नति अवरुद्ध भी हो जाती है ।समाज में बहुचर्चित बनते हैं ,परन्तु संकोची स्वाभाव के कारण धन का अभाव बना रहता है ,कमाया धन भी खो बैठते हैं ।इनका पारिवारिक जीवन बहुत संघर्षमय होता है ।इनके सीने में तमाम दर्द छुपे रहते हैं ,पर चेहरा मुस्कुराता रहता है ।।
-------नोट ---कालसर्पयोग ---वाली कुंडली में एक कारक ग्रह उच्च का हो एवं दूसरा आकारक ग्रह भी उच्च का हो तो ----वैसे जातक हर जगह अपनी धाक जमा लेते हैं ,तथा असंभव कार्य भी आसानी से कर लेते हैं ।धनु राशि  के जातक ठान लेने पक्के और रसीले मिजाज के होते हैं ।सूर्य के साथ शनि और चन्द्र के साथ बुध की युति होने पर "कालसर्पयोग "धनवान सुविख्यात और भी बना देता है ।।
भवदीय -पंडित कन्हैयालाल "झा शास्त्री "मेरठ -उत्तर प्रदेश }
   ज्योतिष सेवा सदन के सदस्यों हेतु -सहायता सूत्र -9897701636---9358885616