"सार्थक या निरर्थक?महाकवि "की यह रचना "
भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिये तमाम वस्तु उपलब्ध होने के वाद भी होशियार पाचक न हो तो स्वादिष्ट भोजन का आनंद नहीं मिल पाता है -ठीक इसी प्रकार से मानव होने के वाद भी मानवता को हम नहीं समझ पाते हैं | आवागमन का जो मेला है उसमे हमलोग आते हैं ,और यूँ ही चले भी जाते हैं ,बाल्यकाल का तो पत्ता ही नहीं चल पाता है ,तरुण अवस्था तो मदोन्मत्त होने के कारण हम किसी की सुनते ही नहीं हैं ,जब प्रौढ़ होते हैं ,तो समय साथ नहीं देता है -जब हम पीछे मुर कर देखते हैं,तो समझ में ही नहीं आता कि इतना समय बीत गया ,और हमें पत्ता ही नहीं चला ? जी हाँ मित्र प्रवर -एक भौरा किसी पुष्प का पराग चूस रहा था ,उसको पत्ता ही नहीं चला कि जब शाम होती है तो जो कमल के पुष्प होते हैं, वो सिकुर भी जाते हैं | और हम चाहकर भी नहीं निकल पायेंगें ,संयोग से -शाम हुई ,और "भौरा "कमल रूपी पुष्प में सिकुर गया तो -सोचने लगा -"रात्रिर गमिष्यति भविष्यति सुप्रभातम =रात बीतेगी और सुन्दर सुवह होगी |"भास्वान उदिश्यती हसिस्यती पंक्जस्य =भगवान् सूर्य निकलेंगें और यह कमल के पुष्प खिलेंगें ,अर्थात जब सूर्यास्त होता है तो कमल के पुष्प सिकुर जाते हैं और जब सूर्योदय होता है तो कमल के पुष्प खिलने लगते हैं [यही विशेषता कमल की है]"इत्थं बिचिन्त्य मति द्विरेफः="भौरा अपने मन में यही बिचार कर ही रहा था,कि क्या हुआ ,"हा हंत हंत गजनी ....इतनी ही देर में कोई हाथी आया और उस कमल के पुष्प को रोंद कर चला गया || महा कवि के महा ग्रन्थ की इतनी बड़ी विशेषता होने के वाद भी आपको यत्न सम्मान नहीं मिला ||मित्र बंधुओं -यह महा "कविजीने "यह समझाने की कोशिश की है.की हमें काल रूपी जो पाश है उससे हम किस प्रकारसे सजग हो सकते हैं||
भवदीय निवेदक "झा शास्त्री [मेरठ ]
-आजीवन सदस्यता शुल्क -1100.rs,जिसकी आजीवन सम्पूर्ण जानकारी सेवा सदन के पास होगी ।। --सदस्यता शुल्क आजीवन {11.00- सौ रूपये केवल । --कन्हैयालाल शास्त्री मेरठ ।-खाता संख्या 20005973259-स्टेट बैंक {भारत }Lifetime membership fee is only five hundred {11.00}. - Kanhaiyalal Meerut Shastri. - Account Number 20005973259 - State Bank {India} Help line-09897701636 +09358885616
ज्योतिष सेवा सदन "झा शास्त्री "{मेरठ उत्तर प्रदेश }
निःशुल्क ज्योतिष सेवा ऑनलाइन रात्रि ८ से९ जीमेल पर [पर्तिदिन ]
-
---जिस दिशा में 'शुक्र "सम्मुख एवं जिस दिशा में दक्षिण हो ,उन दिशाओं में बालक ,गर्भवती स्त्री तथा नूतन विवाहिता स्त्री को यात्रा ...
-
"हर पल आपके साथ चलना चाहते हैं: 2012 आपकी राशि, वार्षिक फल ?" : २०१२ आपकी राशि, वार्षिक फल ?" मित्रप्रवर ,राम राम ,नमस्का...
-
"हर पल आपके साथ चलना चाहते हैं: "तुला राशि में हों शनि ? कुछ बनते धनी,कुछ होते सही... : "तुला राशि में हों शनि ? कुछ बनत...
-
--नक्षत्र २७ हैं ,सभी जानते हैं ,किन्तु सभी नक्षत्रों की संज्ञा एवं उन नक्षत्रों में हम कोन सा कार्ज करें --शास्त्रकारों के विचार को जा...
-
jyotish seva sadan: "मंगली दोष युक्त विवाह उत्तम नहीं होता है !"
-
"तुला में शनि का प्रवेश,क्या है! ज्योतिष का सन्देश? यूँ तो कुंडली चक्र का भ्रमण करने में शनिदेव को ३० वर्ष लगते हैं | एक राश...
-
"राहु -केतु का "कालसर्पयोग "से आखिर सम्बन्ध क्या है ?" ---पौराणिक मतानुसार "राहु "नामक राक्षस का मस्तक कट जा...
-
A great thinker was asked-- What is the meaning of life? He replied--- Life it self hs no meaning, Life is an opp...
-
"देश -विदेश पाक्षिक ज्योतिष विचार ?"{11/02/ से 25/02/2013 तक } -----"एक राशौ यदा यान्ति चत्वारः पञ्च खेचराः ।प्लाव्यन्ति...
गुरुवार, 2 दिसंबर 2010
"सार्थक या निरर्थक?महाकवि "की यह रचना "
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें